राजस्थान में 2 जून से शुरू हो सकेगी व्यावसायिक गतिविधियां…

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जयपुर। राज्य सरकार ने अधिकतर जिलों में कोविड संक्रमण के प्रसार में कमी तथा पॉजिटिविटी दर में गिरावट के दृष्टिगत व्यावसायिक एवं अन्य गतिविधियों में राहत देने के लिए 2 जून से आगामी आदेशों तक त्रि-स्तरीय जन अनुशासन मॉडिफाइड लॉकडाउन लागू किए जाने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद गृह विभाग ने इस संबंध में सोमवार को नए दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। मॉडिफाइड लॉकडाउन के दिशा-निर्देशों में विभिन्न गतिविधियों के लिए छूट उन्हीं स्थानों पर दी जा सकेगी, जहां पॉजिटिविटी दर 10 प्रतिशत से कम होगी अथवा ऑक्सीजन, आईसीयू एवं वेंटीलेटर बेड का उपयोग 60 प्रतिशत से कम होगा।

नई गाइडलाइन में पॉजिटिव केस के अनुरूप ग्राम पंचायत एवं जिले को तीन श्रेणियों ग्रीन, येलो और रेड में बांटा गया है। जिन ग्राम पंचायतों में एक भी पॉजिटिव केस नहीं होगा, ग्रीन श्रेणी में होगी तथा 5 और इससे कम एक्टिव केस होने पर येलो तथा 5 से अधिक एक्टिव केस होने पर रेड श्रेणी में रखा जाएगा। इसी प्रकार एक लाख जनसंख्या पर एक भी एक्टिव केस नहीं होने वाले जिले को ग्रीन तथा एक लाख जनसंख्या पर 100 एक्टिव केस तक येलो तथा 100 से अधिक एक्टिव केस होने पर रेड श्रेणी में रखा जाएगा।

राज्य में संक्रमण की दर कम हुई है, लेकिन अभी संक्रमण पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। इसको ध्यान में रखते हुए नई गाइडलाइन में सभी प्रदेशवासियों से कोविड प्रोटोकॉल की प्रभावी पालना सुनिश्चित करने की अपेक्षा की गई है। जन सामान्य की सुविधा एवं आवश्यक सेवाओं और वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दृष्टि से विभिन्न गतिविधियों में सीमित छूट दी गई है। जैसे-जैसे एक्टिव कैसेज की संख्या में कमी आएगी छूट का दायरा और बढ़ेगा।

त्रि-स्तरीय जन अनुशासन मॉडिफाइड लॉकडाउन के तहत

राज्य में एक्टिव केसों की संख्या 10 हजार आने तक प्रत्येक शुक्रवार दोपहर 12 बजे से मंगलवार प्रातः 5 बजे तक जन अनुशासन वीकेंड कर्फ्यू रहेगा।
इन दिनों के अतिरिक्त सप्ताह के अन्य दिनों में प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से अगले दिन प्रातः 5 बजे तक जन अनुशासन कर्फ्यू रहेगा।

• लॉकडाउन के दौरान (अनुमत श्रेणी के अलावा किसी भी स्थान पर 5 या 5 से अधिक व्यक्तियों के एकत्रित होने पर प्रतिबंध (Rule of Five) लागू रहेगा।

प्रतिबन्दों में राहत

• मण्डियां, फल सब्जी एवं फूल मालाओं की दुकानें प्रतिदिन प्रातः 6 से प्रातः 11 बजे तक खोली जा सकेंगी।

• डेयरी एवं दूध की दुकानें प्रतिदिन सुबह 6 से 11 बजे तथा शाम 5 बजे से 7 बजे तक अनुमत होंगी।

• फार्मास्यूटिकल्स, ऑप्टिकल्स, दवाएं एवं चिकित्सकीय उपकरणों से सम्बन्धित दुकानों को खोलने की अनुमति होगी। दवाइयों की भी होम डिलीवरी को प्रोत्साहित किया जाए, जिससे संक्रमण पर नियंत्रण रखा जा सके।

● रबी की फसलों की मंडियों में आवक तथा समर्थन मूल्य पर फसलों की खरीद की गतिविधियां कोविड प्रोटोकॉल की पालना के साथ अनुमत होगी। किसानों के मंडी पहुंचने एवं वापस आने के अलावा मंडी परिसर के बाहर आवागमन प्रतिबंधित होगा। किसानों को मंडी जाते समय अपने का सत्यापन एवं वापस जाते समय ब्रिकी की रसीदें या बिल का सत्यापन होगा।

• बाजारों एवं व्यवसायिक प्रतिष्ठानों को खोले जाने के लिए समस्त जिला कलक्टर अपने-अपने जिलों में व्यापारिक संगठनों एवं स्थानीय लोगों को सम्मिलित करते हुए जन अनुशासन कमेटी में विचार-विमर्श कर वैकल्पिक (Alternate) व्यवस्था / डी-कन्जक्शन प्लान तैयार करेंगे। • ऐसे बाजार, जहां केवल बड़े-बड़े कॉम्प्लेक्स हैं, लेकिन वातानुकूलित नहीं हैं, उनमें स्थित

दुकानें अथवा व्यवसायिक प्रतिष्ठान, भवन की मंजिलों के अनुसार खुलेंगे जैसे मंगलवार एवं

गुरूवार को बेसमेंट एवं प्रथम फ्लोर की दुकानें तथा बुधवार एवं शुक्रवार को ग्राउण्ड फ्लोर

एवं द्वितीय फ्लोर पर स्थित दुकानें, एक छोड़कर एक (Alternate) खोली जा सकेंगी। बाजारों एवं अन्य व्यवसायिक गतिविधियों को खोलने के लिए दिशा-निर्देश :

शहरी क्षेत्र:

• पूरे शहर को थाना क्षेत्रों में विभाजित किया जाकर वर्तमान में यदि संयुक्त प्रवर्तन दल (JETS) गठित हैं, तो उन दलों में संबंधित क्षेत्राधिकार वाले वाणिज्य कर विभाग, पुलिस एवं नगर निकाय के अधिकारियों को सम्मिलित किया जाए। यदि वर्तमान में किसी क्षेत्र में संयुक्त प्रवर्तन दल गठित नहीं हो, तो गठित किया जाए।

• संयुक्त प्रवर्तन दल बाजारों की स्थिति के अनुसार जन अनुशासन कमेटी में व्यापार संघों के साथ विचार-विमर्श कर बाजारों को खोलने के बाद प्रतिदिन भीड़-भाड़ पर निगरानी रखेंगे। कोविड प्रोटोकॉल की पालना के लिए जन अनुशासन कमेटी उत्तरदायी होगी। यदि व्यापक स्तर पर कोविड प्रोटोकॉल का उल्लंघन किया गया तो उक्त बाजार सात दिवस के लिए पूर्ण रूप से बंद कर दिया जाएगा।

ग्रामीण क्षेत्र:

• ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित ऐसे तहसील / उपखण्ड मुख्यालय / पंचायत समिति मुख्यालय जहां आबादी अधिक है एवं दुकान और व्यावसायिक प्रतिष्ठान ज्यादा हैं, उन्हें खोले जाने की स्थिति में अधिक भीड़ का आना संभावित है। उक्त क्षेत्रों में बाजार एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को खोलने के लिए शहरी क्षेत्रों के अनुरूप ही व्यवस्था लागू होगी।

● ऐसे गांव जहां पर आबादी काफी है एवं दुकानों की संख्या भी पर्याप्त है, ग्राम पंचायत स्तर पर गठित कोर ग्रुप स्थानीय व्यापार संघ प्रतिनिधियों को सम्मिलित करते हुए जन अनुशासन

• सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए ई-कॉमर्स के माध्यम से सभी प्रकार की वस्तुओं की होम डिलीवरी अनुमत होगी।

• इंदिरा रसोई में भोजन बनाने एवं उसके वितरण का कार्य रात्रि 9 बजे तक कोविंड गाइडलाइन के अनुसार अनुमत होगा।

• ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ते कोविड संक्रमण को देखते हुए राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना एवं अन्य ग्रामीण विकास योजनाओं में काम करने वाले श्रमिकों के संक्रमण से बचाव हेतु कोविड उपयुक्त व्यवहार एवं सोशल डिस्टेंसिंग की पालना कराते हुए विस्तृत दिशा-निर्देश ग्रामीण विकास विभाग द्वारा जारी किये जायेंगे।

• कोल्ड स्टोरेज एवं वेयर हाउसिंग सेवाएं अनुमत होंगी।

• निजी सुरक्षा सेवाओं की भी अनुमति होगी।

• सार्वजनिक परिवहन / माल ढुलाई वाहन / अत्यावश्यक सेवाओं में लगे वाहनों एवं सरकारी वाहनों के लिए पेट्रोल / डीजल पम्प, सीएनजी पेट्रोलियम एवं गैस से संबंधित खुदरा (रिटेल) / थोक (होलसेल) आउटलेट पूर्व की भांति खोलने की अनुमति होगी। निजी वाहनों में पेट्रोल / डीजल प्रात: 5 बजे से दोपहर 12 बजे तक भरवाया जा सकेगा। • एलपीजी वितरण सेवाए ग्राहकों के लिए प्रातः 6 बजे से सायं 5 बजे तक अनुमत होंगी।

• समस्त उद्योग एवं निर्माण से सम्बन्धित इकाइयों में कार्य करने की अनुमति होगी, ताकि

श्रमिक वर्ग का पलायन रोका जा सके। उद्योग एवं निर्माण ईकाइयों द्वारा श्रमिकों के

आवागमन हेतु स्पेशल बस का संचालन अनुमत होगा।

• पूर्व की भांति प्रत्येक उद्योग / निर्माण इकाई द्वारा अपने सम्बन्धित कार्मिक / श्रमिक के आवागमन हेतु ऑनलाइन वेब पोर्टल https://covidinfo.rajasthan.gov.in –> e-Intimation by Industries के माध्यम से self generate कर आईडी / One Hour Transit Pass (मूल / हार्ड कॉपी) उद्योग / निर्माण इकाई द्वारा अधिकृत व्यक्ति के हस्ताक्षर मय सील सभी कार्मिकों / श्रमिकों को उपलब्ध कराना होगा।

कृषि आदान एवं कृषि उपकरणों की दुकानें एवं इनके परिसर, पशु चारा, सभी प्रकार के खाद्य पदार्थ, किराना एवं आटा चक्की से संबंधित होलसेल एवं रिटेल की दुकानें मंगलवार से शुक्रवार प्रातः 6 बजे से प्रातः 11 बजे तक खुल सकेंगी।

• साथ ही अन्य दुकानें एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठान भी मंगलवार से शुक्रवार प्रातः 6 बजे से प्रातः 11 बजे तक खुल सकेंगे।

• प्रोसेस्ड फूड. मिठाई, बेकरी आदि दुकानें और रेस्टोरेंट्स मंगलवार से शुक्रवार प्रातः 6 बजे से प्रातः 11 बजे तक खुल सकेंगी। इनमें बैठकर खाने की अनुमति नहीं होगी। इस दौरान केवल टेक-अवे की सुविधा होगी। इन प्रतिष्ठानों से होम डिलिवरी की सुविधा रात्रि 10 बजे तक अनुमत होगी।

● राशन की दुकानें बिना किसी अवकाश के खुली रहेंगी।

• ठेले, साइकिल, रिक्शा, ऑटो रिक्शा एवं मोबाइल वैन के माध्यम से फल-सब्जी का विक्रय प्रतिदिन प्रातः 6 बजे से शाम 5 बजे तक अनुमत होगा।

• स्ट्रीट वेण्डर, थड़ी, रेहड़ी एवं ठेलों पर अन्य वस्तुओं का विक्रय कार्य प्रतिदिन प्रातः 6 से प्रातः 11 बजे तक अनुमत रहेगा।

प्रतिबंधित गतिविधियां

• प्रदेशवासियों से यह अपेक्षा है कि वे शादी समारोह 30 जून, 2021 तक स्थगित रखें। • विवाह से संबंधित किसी भी प्रकार के समारोह, डीजे बारात एवं निकासी तथा प्रीतिभोज आदि

की अनुमति 30 जून तक नहीं होगी। • विवाह घर पर ही अथवा कोर्ट मैरिज के रूप में करने की अनुमति होगी, जिसमें केवल 11 व्यक्ति ही अनुमत होंगे जिसकी सूचना वेब पोर्टल Covidinfo.rajasthan.gov.in पर या हैल्पलाइन नम्बर 181 पर देनी होगी।

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