वसुन्दरा बिना राजस्थान भाजपा!

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राजस्थान भाजपा के आला नेताओं की दिल्ली में गुरुवार को अहम बैठक हुई…बैठक में प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया, नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया, उप नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ प्रदेश संगठन मंत्री चंद्रशेखर, वी सतीश, प्रदेश प्रभारी अरुण सिंह, केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल और कैलाश चौधरी मौजूद रहे…अनौपचारिक बैठक के बाद प्रदेश के आला नेता ने राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, संगठन महामंत्री बीएल संतोष के साथ करीब 2 घंटे से ज्यादा बैठक में प्रदेश भाजपा के कार्यक्रमों की समीक्षा की गई… बैठक के बाद प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के राजस्थान प्रवास के लिए तैयारियों को लेकर चर्चा की गई…इसके अलावा पंचायत और निकाय चुनाव में भाजपा के प्रदर्शन, विधानसभा उपचुनाव में पार्टी उम्मीदवार तय करने और प्रकोष्ठ और मोर्चा में नियुक्ति को लेकर के राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ में विस्तार से चर्चा की… उप नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि पार्टी में गुटबाजी जैसी कोई बात नहीं है अगर कोई बात है तो मिल बैठकर सुलझा ली जाएगी… विधानसभा उपचुनाव में पार्टी उम्मीदवार चयन और रणनीति को लेकर के बातचीत हुई…

वसुंधरा राजे की गैर मौजूदगी


आज की बैठक की खास बात यह भी रही कि पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह बैठक में मौजूद नहीं थे… बैठक में वसुंधरा राजे को नहीं बुलाए जाने पर कई तरह के कयास लगाए जाने लगे…दोनों नेताओं के बैठक में नहीं शामिल होने के सवाल पर पूनिया ने कहा कि यह बैठक प्रदेश में प्रत्यक्ष तौर पर कार्य करने वाले नेताओं की थी, पार्टी को आवश्यकता लगेगी समग्र रूप से सभी नेताओं को बुलाया जाएगा।

प्रदेश संगठन के कामकाज से केंद्रीय नेतृत्व नाखुश


प्रदेश के आला नेताओं की बैठक में प्रदेश संगठन के कामकाज को लेकर के विस्तार से समीक्षा की गई…साथ ही प्रदेश भाजपा में बढ़ रही गुटबाजी को ले कर जेपी नड्डा और बीएल संतोष ने चिंता व्यक्त की… सूत्रों का कहना है कि प्रदेश प्रभारी अरुण सिंह ने प्रदेश दौरे के बाद एक के समीक्षात्मक रिपोर्ट केंद्रीय नेतृत्व को सौंपी थी जिसमें प्रदेश भाजपा में सब कुछ ठीक नहीं चलने का हवाला भी दिया गया था…सूत्रों का कहना है कि प्रदेश के नेताओं ने पंचायत और निकाय चुनाव के दौरान वसुंधरा राजे की ओर से सहयोग नहीं मिलने और गहलोत वसुंधरा के गठबंधन की भी शिकायत की…सूत्रों का कहना है कि शिकायत पर जेपी नड्डा ने नाखुशी जाहिर करते हुए कहा कि प्रदेश संगठन की कार्यकारिणी आपके मुताबिक बनाई गई थी फिर भी आशा के अनुरूप काम क्यों नहीं हो रहा? वहीं सूत्रों का कहना है कि अरुण सिंह की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश भाजपा में अलग-अलग गुट के कारण पार्टी के कार्यकर्ता और जनप्रतिनिधियों में पार्टी की रीति नीति और कार्यक्रम को लेकर काफी मतभेद देखने को मिले थे…इसी रिपोर्ट के आधार पर गुरुवार को जेपी नड्डा ने प्रदेश संगठन को निर्देश जारी किया कि कोई भी किसी भी तरीके से काम करें लेकिन आपकी टीम की ओर से बेहतरीन काम करने की उम्मीद की जाती है.

तीनों विधानसभा सीटों के उपचुनाव जीतने का दिया टारगेट


राजस्थान में आगामी 3 विधानसभा सीटों के लिए उपचुनाव भाजपा और कांग्रेस दोनों के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं एक तरफ गहलोत सरकार की साख दांव पर होगी वहीं पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया के लिए भी बड़ा टास्क साबित होगा…सूत्रों की माने तो आज की बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया को टारगेट देते हुए कहा कि तीनों सीटों के उपचुनाव हर हाल में जीतना होगा… बताया जा रहा है कि जेपी नड्डा ने प्रदेश के नेताओं का कहा कि पिछले दिनों सरकार गिराने वाले एपिसोड में भाजपा का नाम खराब हुआ है अब उसकी भरपाई में सकारात्मक रिजल्ट भी लाना होगा…

उपचुनाव में उम्मीदवार के लिए पूनिया को दिया फ्री हैंड


आज की बैठक के दौरान 3 विधानसभा सीटों के लिए उपचुनाव में पार्टी के उम्मीदवार को लेकर के चर्चा की गई.. बताया जा रहा है कि चर्चा के दौरान जेपी नड्डा ने राजसमंद, सुजानगढ़ और सहाड़ा सीट पर पार्टी का उम्मीदवार तय करने के लिए सतीश पूनिया को फ्री हैंड दे दिया…नड्डा ने तीनों सीटों के लिए सिंगल नाम तय करके प्रदेश प्रभारी अरुण सिंह के मार्फत केंद्रीय नेतृत्व को कह दिया.

अब देखने वाली बात यह होगी कि सत्तारूढ़ कांग्रेस के सामने सतीश पूनिया की टीम क्या रणनीति बनाती है और तीनों सीटों जीत हासिल करने में कितनी कामयाब होती है ?



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