पायलट से पंगा पड़ेगा महंगा।

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15 वविधायकों के साथ मंच साझा कर पायलट ने दिखाई कांग्रेस में ताकत

,पन्द्रह विधायको समेत हजारों की संख्या में पहुचे लोग,
राजेश पायलट की मूर्ति का भी हुआ अनावरण।

जयपुर ज़िले के चाकसू  उपखंड के कोटखावदा में आज शुक्रवार को पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के नेतृत्व में समर्थित विधायको व कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा महापंचायत का आयोजन किया गया। जिसमें पायलट ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। पायलट के पहुचने से पूर्व महिलाओं समेत हजारों लोग आयोजन स्थल ओर पहुचे। कार्यक्रम में पायलट के साथ गाड़ियों का काफिला चल रहा था ओर चाकसू से कोटखवदा जगह जगह तोरण द्वार बनाकर पायलट का स्वागत किया। मंच पर पहुचने महापंचायत आयोजन करता व चाकसू विधायक वेद प्रकाश सोलकी ने साफा पहनाकर स्वागत किया।

पायलट ने  किसान महापंचायत के माद्यम से अपने सम्बोधन में  केंद्र को खरी खोटी सुनाकरअपनी जमीनी पकड़ से हाई कमान तक सन्देश पहुच दिया। आयोजित किसान महापंचायत में सचिन पायलट ने किसानों के आंदोलन को लेकर केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। अपने 15 समर्थक विधायकों के साथ पायलट ने कहा कि किसान को सहानुभूति नहीं सहयोग चाहिए. केंद्र की तानाशाही के खिलाफ मजबूती से लड़ेंगे. किसान और नौजवान एक साथ खड़े हैं. इसके साथ ही पायलट ने कहा कि किसान सबका है। हम जाति से ऊपर उठकर संघर्ष करेंगे.  जाति के नाम पर किसानों को बांटने की साजिश चल रही है. दिल्ली में बैरीकेड लगा दिए, कीलें लगा दीं. हम भी मानने वाले नहीं हैं. केंद्र को तीनों कानून वापस लेने ही पड़ेंगे. जब तक केंद्र तीनो कानूनों को वापस नही लेती है तब तक गांधी वादी तरीके से हमारा सँघर्ष जारी रहेगा।

 जुलाई में पायलट का साथ छोड़ने वाले प्रशांत बैरवा भी महापंचायत के मंच पर पहुंचे इस दौरान पायलट समर्थकों ने हुटिंग शुरू कर दी हालांकि बाद में उन्हें को शांत करवाया गया। प्रशांत बैरवा सात महीने बाद  पायलट के किसी कार्यक्रम में पहुंचे हैं। प्रशांत बैरवा पहले सचिन पायलट के ही साथ थे लेकिन जुलाई में बगावत के वक्त गहलोत खेमे में चले गए थे बाड़े बंदी में भी गहलोत के साथ थे सबसे बड़ा सवाल ये कि क्या प्रशांत बैरवा गहलोत को छोड़कर वापस पायलट खेमे में आ गए हैं। कार्यक्रम के अंत मे सचिन पायलट ने अपने पिता व किसान नेता  स्व.राजेश पायलट की मूर्ति का भी अनावरण किया ।

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