वसुंधरा राजे समर्थक राजस्थान “मंच” पर मचा घमासान !

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राजस्थान में राजनेतिक उठापटक रुकने का नाम नहीं ले रही है एक तफ़र कोरोना काल में उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट का गहलोत से मनमुटाव ,पायलट का मनमुटाव यहाँ तक पहुच गया था की राजस्थान की गहलोत सरकार ICU तक पहुच चुकी थी ,और इससे निकलने में एक महीने से भी ज्यादा का समय लगा था ,अब यही हाल बीजेपी में देखने को मिल सकते है,राजस्थान के सभी 33 जिलो में बीजेपी की मुख्यधारा से हटके “वसुंधरा राजे समर्थक राजस्थान मंच”की कार्यकारणी का विस्तार बीजेपी के केन्द्रीय नेतृत्व तक को परेशान करने लगा है।

दिल्ली तक पहुची राजस्थान बीजेपी की फुट

दिल्ली में बीजेपी के रास्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ राजस्थान बीजेपी के 3 वरिष्ठ नेताओ की बैठक में वसुन्दारा राजे का शामिल नहीं होना राजनेतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया था ,इसी बीच सोशल मिडिया पर वायरल एक लिस्ट ने बीजेपी की आपसी फूट को राजनेतिक गलियारे में और बल मिल गया , मामला सामने आया है की jaipur के ही रहने वाले वसुन्दारा राजे के करीबी एडवोकेट विजय भारद्वाज ने “वसुंधरा राजे समर्थक राजस्थान मंच ” का गठन कर प्रदेश में बीजेपी के सामानांतर बीजेपी के कार्यकताओ का मंच बना कर25 जिलो में जिला स्तरीय कार्यकारणी भी घोषित कर दी है ।

पार्टी लाइन से परे राजे को मुख्यमंत्री बनाने का सपना

वसुंधरा राजे समर्थक राजस्थान मंच के प्रदेश अध्यक्ष एडवोकेट विजय भारद्वाज का कंहना है की यह मंच पूर्व मुख्यमंत्री वसुन्दारा राजे के प्रदेश के लिए किये गए विकास से प्रेरित होकर इस मंच का गठन किया है ताकि 2023 में एक बार फिर से वसुन्दारा राजे को राजस्थान का मुख्यमंत्री बनाया जा सके ,इस मंच के माध्यम से वसुन्दारा सरकार की उपलब्धियों को मतदाताओ तक पहुचाया जा सके ,हलका सोशल मिडिया पर “वसुंधरा राजे समर्थक राजस्थान मंच” की जिला कार्यकारणी की लिस्ट वायरल होने पर भारद्वाज ने कहा की मेरी वसुन्दारा राजे से लम्बे समय से कोई बात नहीं हुई है इस मंच का गठन मेरी स्वंम की सोच है और मै बीजेपी का कर्मठ कार्यकर्ता हु ।

वसुंधरा राजे लंबे समय से प्रदेश की राजनीति में सक्रियता नहीं दिखा रही है

पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वसुंधरा राजे लंबे समय से प्रदेश की राजनीति में ज्यादा सक्रियता नहीं दिखा रही है, लेकिन गहलोत सरकार के संकट के समय वसुन्दारा राजे ने बीजेपी को कांग्रेस की आपसी कलह से दूर रहने के नसीहत दे कर खूब सुर्खिया बटोरी थी ,इसी दौरान विधानसभा में विश्वासमत के दौरान वसुन्दारा खेमे के 4 विधायक विधानसभा से नदारत हो गए थे , इस घटना को भी वसुन्दा राजे की नाराजगी से जोड़ कर देखा गया था ।

खुद को बताया बीजेपी का निष्ठावान –


वसुंधरा राजे समर्थक राजस्थान मंच के प्रदेशाध्यक्ष भारद्वाज का कहना है की वो बीजेपी के निष्ठावान कार्यकर्त्ता है और वो सदेव बीजेपी को आगे बढ़ाने में विश्वास रखते है ,इस मंच का उद्देश्य भी बीजेपी के कार्यो को घर घर तक पहुचाने के लिए ही किया गया है ताकि आगामी विधान सभा चुनाव में बीजेपी सरकार बने, भारद्वाज ने कहा प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया की अगुवाई में भी बीजेपी को मजबूत करने का काम हो रहा है लेकिन परिवार में जितने ज्यादा लोग काम करें उतना ही अच्छा होता है ।


25 जिलों में बनाई वसुंधरा समर्थक मंच की कार्यकारिणी –


साल 2020 के आखरी माह में अस्तित्व में आया यह मंच सार्वजानिक अब हुआ है हलाकि पिछले अक महीने में इस मंच ने राजस्थान के 33 जिलो में सेजयपुर, अलवर, दौसा, कोटा, धौलपुर, भरतपुर, झालावाड़, गंगानगर, जोधपुर, नागौर, हनुमानगढ़, बारां, बाड़मेर, झुंझुनूं, जयपुर ग्रामीण, सवाई माधोपुर, पाली, भीलवाड़ा, जालौर, जैसलमेर, राजसमंद, चूरू, सीकर, बांसवाड़ा, बूंदी और करौली में उन्होंने जिला कार्यकारिणी का गठन कर दिया है। लेकिन इस मंच में बीजेपी के कोई भी बड़े नेता का नाम अभी तक सामने नहीं आया है ।

नियुक्ति पत्र में वसुंधरा राजे के प्रति निष्ठा और समर्पण की बात –


सोशाल्मिदिया पर वायरल वसुंधरा राजे समर्थक मंच का नियुक्ति पत्र और उसकी भाषा भी बड़ी रोचक है। इसमें वसुंधरा राजे का जिक्र करते हुए लिखा है कि “हमारा उद्देश्य ‘श्रीमती वसुंधरा राजे जी’ के प्रति सेवा भाव रखते हुए पूर्ण निष्ठा व समर्पण से इनकी उपलब्धियों को राजस्थान के कोने में जन जन तक पहुंचाना है।” कार्यकारिणी में जो दायित्व दिया गया है वह पूर्व राजमाता विजयाराजे सिंधिया की विचारधारा के साथ संगठन की रीति-नीति को समझते हुए संगठन को मजबूत बनाने में काम करने के लिए दिया गया है। वसुंधरा समर्थक मंच के लेटर हैड पर पूर्व राजमाता विजयाराजे सिंधिया के साथ ही पूर्व सीएम वसुंधरा राजे और मंच के प्रदेश अध्यक्ष विजय भारद्वाज का फोटो छपा हुआ है। इस लेटर हेड पर पार्टी के किसी और वरिष्ठ नेता ,राष्ट्रिय अध्यक्ष ,प्रधानमंत्री या प्रदेशाध्यक्ष का नाम और फोटो नहीं होना भी इस मंच के मंसूबो पर सन्देश पैदा कर रहा है ।

कौन हैं विजय भारद्वाज?

साल 1998 से 2003 तक जनता दल यूनाइटेड में प्रदेश महामंत्री और युवा मोर्चा के प्रभारी के रूप में काम कर चुके विजय भारद्वाज साल 2003 में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए। उसके बाद भारतीय जनता युवा मोर्चा के विशेष आमंत्रित सदस्य रहे। वसुंधरा राजे के कार्यकाल में विधि प्रकोष्ठ के प्रदेश मंत्री के पद पर भी काम करने का दावा विजय भारद्वाज ने किया है।

भारद्वाज बोले – मोदी विकास मंच, नमो मंच और टीम सतीश पूनिया बन सकती हैं तो वसुंधरा समर्थक मंच में क्या एतराज?


वसुंधरा समर्थक मंच के कुछ नियुक्ति पत्र सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद बीजेपी में हलचल बढ़ गई है। इस मंच के गठन को लेकर पार्टी में दबे सुर में आवाज उठी, तो विजय भारद्वाज कहते हैं कि जब देश के अलग-अलग हिस्सों में मोदी विकास मंच, नमो मंच काम कर सकते हैं, राजस्थान में टीम सतीश पूनिया और कई विधायक-सांसदों के नाम पर समर्थकों की टीम सक्रिय है तो वसुंधरा राजे के समर्थन में मंच बनाने पर क्या एतराज हो सकता है?भारद्वाज कहते हैं कि पहले भी राजस्थान में टीम वसुंधरा सक्रिय रही है। उन्होंने कहा कि वे पार्टी के कई नेताओं से आए दिन मिलते रहते हैं लेकिन अभी तक किसी ने भी उनके इस मंच गठन पर आपत्ति नहीं जताई है। राजे से आखिरी मुलाकात पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति मंच के प्रतिनिधि के नाते बताते हैं।

बेनीवाल ने भी बीजेपी के सामानांतर मंच की लिस्ट पर चुटकी


आर एल पी संयोजक नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने कहा की राजस्थान की जनता के सामने आर एल पी एक विकल्प है ,आर एल पी राजस्थान में गाँव ढाणी तक पहुच रही है ,जिस गति के साथ संगठन मजबूत हो रहा है आने वाले विधान सभा चुनाव में आर एल पी के सहयोग के बिना कोई पार्टी राजस्थान में शासन नहीं कर सकेगी ,आज प्रदेश में बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही पार्टिया अंतर्कलह और गुटबाजी से जूझ रही है ,कांग्रेस पायलट और गहलोत खेमे में बाटी है तो अब बीजेपी में भी वसुंधरा राजे समर्थक राजस्थान मंच से कार्यकर्ताओ ने सीधा प्रधानमंत्री मोदी को चैलेंज कर दिया है।

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